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व्हॉयेजर-2

 व्हॉयेजर-1

  Voyager-2

व्हॉयेजर-२  हे  एक  मानवनिर्मित  यान  आहे. व्हॉयेजर-२(Voyager-2) हे  अंतरिक्षक चा  अभ्यास  करण्यासाठी  याची निर्माती  हि केले होती. व्हॉयेजर-२ हे व्हॉयेजर-१  च्या  तुलनेत  खूप  कमी  वेगाने  प्रवास  करत  असते.व्हॉयेजर-२ चा  वेग  कमी  ठेवण्या  माग  हे  कारण  होते  कि  वेग   कमी  असल्यामुळे  प्रत्येक  ग्रहाचे  अचूक  पने अभ्यास  हा होत  असतो. 

 

व्हॉयेजर-२ चे  प्रक्षपण  हे  व्हॉयेजर-१ च्या  अगोदर  करण्यात  आले  होते. २० ऑगस्ट १९७७ रोजी  अमेरिकन  संस्था  नासा  Titan III E  या  प्रेक्षका  च्या  सहाणे  व्हॉयेजर-२ प्रक्षेपण  करण्यात  आले  होते. व्हॉयेजर-२  ची  निर्माती  हि  व्हॉयेजर-१ सारखी  केली  होती . 

 पण  त्या मध्ये  एक  कमी  म्हणजे  व्हॉयेजर-२ हे  कमी  वेगाने  प्रवास  करत  होते याचे  कारण  म्हणजे  युरनेश व नेपच्युन  या  दोन  ग्रह जवळ  पोहोचण्या  साठी  योग्य  बनवणे  यानाचा प्रवास  चालू  असताना ज्या  वेळी  शनी  ग्रह  आला  त्यावेळी   गुरुत्वाकर्षण  बळा  मुळे  यान  हे युरेनस  कर  आकर्षित  झाले  यामुळे व्हॉयेजर-२ हे  पहिले  असे यान  बनले  कि  ते युरेनस व नेपच्युन  जवळ  जाणारे  झाले. 

व्हॉयेजर-2  चा इतिहास

व्हॉयेजर-२  हे  ग्रहाचा  व  ग्रहाच्या  चंद्रा  चा  अभ्यास  करण्यासाठी  तसेच  अवकाशीय  मध्ये  किती  आकाश  गंगा  आहेत  यासाठी व्हॉयेजर-१ व  व्हॉयेजर-२  असे  दोन  यानाचे  काम  हे  सुरु  करण्यात  आले  होते . व्हॉयेजर-२ चे  प्रक्षेपण  हे  अमेरिकन  संस्था  नासा  याने २० ऑगस्ट १९७७ रोजी  करण्यात  आले होते. 

  व  त्या  नंतर  व्हॉयेजर -१ चे  प्रक्षेपण  करण्यात  आले  होते. Titan III E या  प्रक्षक  च्या  सहाणे  दोनी  यानाचे  प्रक्षेपण  करण्यात  आले  होते.  व्हॉयेजर-२  मोहीम  हि नेपच्युन  या  ग्रह  वर  पूर्ण  झाली. व्हॉयेजर-२  अजून सुद्धा  हीलीयोस्फीयर च्या  आत  मध्ये च आहे. 

 या  याना  मध्ये  सुद्धा  व्हॉयेजर -१  सारखी  च एक  सोनेरी  कलरची  एक  रेकॉर्डर  लावले  आहे. यामध्ये  पुथ्वी  वरील  जीवन  व  संस्कृती या  बदल  चे  माहिती  तसेच  पुथ्वी  वरील  वेगवेगळे  आवाज  व  चित्रकरण  केले  आहेत   जसे कि  व्हेल  माशाचे आवाज व लहान मूल  रडताना  आवाज रेकॉर्ड केले आहेत. 

 हे  यासाठी  केले  आहे कि  परग्रही  ला  जर  हे यान  मिळाले तर  या  रेकॉडर  च्या  सहाय्याने  ते  आपली माहिती  बघू  शिकतील. ५ डिसेंबर  २००६ रोजी  व्हॉयेज-२  हे  सूर्ये  पासून  ८०  खकोलिक  एकक   एवद  लांब होती  व्हॉयेजर -२  ची  गती  हि एका  वर्षां  मध्ये  ३. ३ खगोलिक  एकक  येवडी आहे.हळू हळू  व्हॉयेजर-२ चे  उपकरणे  हे बंद  केले  जातीळ 

गुरु  

व्हॉयेजर-२ हा  गुरु  ग्रहाचा  जवळ  हा  ९ जुलै  १९७९ रोजी  गेला  होता  गुरु  ग्रह  हा कमीत  कमी हा ५७००० किमी  अंतरावर  जवळ  आला होता. त्या  वेळी  गुरु  ग्रहाच्या  चंद्राचे  व  गुरु  ग्रहावर  फुटणाऱ्या  जोवाळमूखींचा  शोध हा लागला होता. युरोप चंद्रावर  वर  त्याला  केटर व मैदाने  असे  बघटण्यात  आले  आहे. 

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