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हे विश्व काय आहे ,universe

 हे  विश्व  काय  आहे?

 What  is  this  universe?

आपण  या  आर्टिकल  मध्ये  हे  विश्व  काय  आहे.  हे  आपण   या आर्टिकल मध्ये  आपण पहाणार आहे  विश्व म्हणजे ग्रह  तारे   सूर्येमाला  असे अनेक  गोष्टी  ज्या  मध्ये सामाविस्ट  आहेत  तयास   विश्व असे  म्हटले  जाते  नेमकं  हे  विश्व म्हणजे   काय  आहे   हि  संकल्पना  काय आहे  ते  फुडें आपण  पहाणार आहे. 

विश्वाचा जन्म वैज्ञानिक पद्धतीने:-

विश्व  म्हणजे  ग्रह  तारे  सूर्ये   आकाशगंगा  या  गोष्टी  चा ज्या मध्ये समावेश आहे  त्या गोष्टीला  विश्व अशे समधले जाते   विश्व्  हे  खूप  अनंत  भागा  मध्ये   पसरले आहे  आता  पर्येंत  जेवढा  भाग  चे  संशोधन  झाले  आहे  त्या  मध्ये असे  माहीत  झाले  कि १९ अब्ज  एवढ्या  आकाशगंगा  अस्तित्वात  आहेत  या  आकाशगंगा  मध्ये  आपली  पुष्टी ज्या  आकाशगंगा  मध्ये  त्या  आकाशगंगास मिल्की  वय  असे  संभोदले  जाते.  विश्वाचे  निर्माण  हे  संशोधनतुन  असे  समजले आहे  कि  याच  मुखे कारण  बिग  बंग थेरी  अशे  मधले जाते.   

  

बिग बँग – सर्वात मोठा सिद्धांत:-

आपण  या  विश्व मध्ये  जे  ग्रह ,तारे व  आकाशगंगा  बघतो  ते  तसे आधी पासूनच  या  विश्व  मध्ये निर्माण  न्हवते  त्या  आधी  विश्व् हे झरो   परिस्थिती  मध्ये  होते  या  मध्ये  न कुठला  आवाज  होता  किंवा  कुठली  हालचाल  अशे हे विश्व हे अस्तित्वात  होते   या  विश्वाचे  निर्माण  हे एक छोट्या  पॉईंट  पासून  झाले  होते  हा  छोटा  पॉईंट  हा खूप  लहान म्हणजेच  अनु  एवढा होता   या  अनु  मध्ये  अनेक  ऊर्जा  हि  सामावली  होती  हि  मध्ये असे  काय  झाले कि त्या  मध्ये मोठ्या  प्रमाण  मध्ये  त्या पॉईंट चा स्फोट  झाला  हा स्फोट  कसा  झाला याचे  उत्तर  हे वैन्यानिक  कडे सुद्धा नाही . 


 हा  स्फोट  ज्या वेळी  झाला  त्या  पॉईंट मध्ये जी  ऊर्जा होती ती भाहेर  पडली  हि  ऊर्जा  अनेक  वर्षी फिरत  राहिली   हि  ऊर्जा ज्या वेळी  थंड  झाली  त्या पासून  अनेक  पदार्थ  तयार  झाले  जसे  कि  इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन  व  नेऊट्रॉन  हे  परदार्थ परत  एकत्र होण्यास  सुरवात   झाली  हे  परथार्त  एकत्र  होण्याचे  कारण   म्हणजे 
गृतीविआकर्षण   सुरवातीला  या  विश्व   मध्ये हाइड्रोजन  अनु अनेक  होते  या  अणूचे  गुटीवीआकर्षण  मुले  संकुचित   होण्यास  सुरवात  झाली  या  तेथील  तापमान  हे वाढू लागले  व  त्या ठिकानीचे ज्या  १००० कोटी  एवढे  झाले  त्या  वेळी एक मोठ्या  तारांची  निर्मती  हि झाली  असे   होत  अनेक  ताराची  निर्मिती  हि  झाले  व  हे  तारे  गुटीवीआकर्षण मुले  एकमेकान  संगे  फिरू लागले   व  असे  अनेक   ताऱ्यांपासून  आकाशगंगांचे  निर्माण झाले 

विश्वाच्या उत्पत्तीचा वैदिक सिद्धांत:-

वैन्यानिक  दुष्टी  नुसार   विश्वाची निर्मती हि  बिग बंग थ्रीरी  ने झाला आहे  पण ह्या थेरी  मध्ये  अनेक  कमी  आहेत त्या मधील  एक म्हजे  बिग बंग थेरी मध्ये प्रमुखाने  एक बिंदू   च्या  स्फोटा  पासून  विश्व ची  निर्मिती  हि झाली  पण  या  बिंदू  मध्ये  स्फोट  कशी  कशा काय झाला  याचे  मुख्ये  कारण  अजून  कोणाला  कळाले  नाही  पण  हिँदु  धर्म नुसार  याची उत्पत्ती  हि  ब्रह्मा  देवांनी केली आहे . 

 
हिंदू धर्मा  नुसार   प्रमुखाने  तीन  देवांना  खूप  महत्व  दिले  जाते  या  मध्ये  विषुनु  ब्रम्हा  शिव  या  अशे  मानले जाते  कि  विषुनु  या देवा  विश्व  ची  देखभाल  करण्याचे काम  असते व  ब्रह्मा  या देवा  कडे  विश्व  बनवण्याचे  काम  हे  जाते  तशेच   देव  शिवा  कडे  एक  नवीन  सुरुवात  करण्या साठी   विश्व सम्पवनाचे काम असते. 

अशे मानले जाते  कि  विशूनु  शेण  मुद्रे मध्ये असताना  त्याच्या  बेंबी  मधून  एका  कमळाची  निर्माती  झाली  व ह्या  कमला पासून  ब्र्हमा  देवाची  निर्मती झाली  व  याच  देवांनी  परत  विश्वा  ची निर्मती हि झाली .     

      

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