चांद्रयान-1: ISRO ची पहिली चंद्र मोहिम आणि तिचा ऐतिहासिक प्रवास

चांद्रयान-1: ISRO ची पहिली चंद्र मोहिम आणि तिचा ऐतिहासिक प्रवास

Chandrayaan-1: ISRO’s first lunar mission and its historic journey

चांद्रयान-१ हे  भारतातील  अंतराळ  संशोधन  संस्था  इसरो  ची  पहिली  मोहीम  होती .चांद्रयान-१ या  मोहीम  मुले  च  भारत  हा  चंद्रा  वर  प्रदक्षिणा मारणारा व  आपला  ध्वज  चंद्र  वर  पोहोचवणारा  चोथा  देश  बनला  आहे. चांद्रयान-१(chandrayaan-1) हे  मानवरहित  अंतरिक्षयान   होते  याचे  प्रमुख  दोन  प्रकार  होते

पहिला  म्हणजे चंद्राला  प्रदक्षिणा  मारणार  व दुसरा  म्हणजे  चन्द्र  वर  हार्ड  लँडींग  करणारा  म्हणजे  च  एक घनाकृती प्रोब जी  कि  चंद्रा चा  पुष्ट  भागावर जाऊन  आढळणार  या  मुले  चंद्रा  च्या  पुष्ट  भागाची  माहिती  मिळले  असे  भाग  होते.  

चांद्रयान-1 मिशनचा प्रवास

ऑक्टोबर  २२ इ .स. २००८  या  दवशी  पी.एस.एल.व्ही.-सी११  या  रॉकेट  च्या  सहाणे चंद्रयान-१ या  यानाचे  प्रक्षेपण  श्रीहरीकोटा  येथील  सतीश  धवन  अंतराळ  केंद्रावरून  झाले. ८ नोव्हेंबर  २००८या रोजी  चांद्रयान-१  या  यानाला  चंद्राच्या  कक्षेत  टाकण्यात  आले  होते

परत  १४ नोव्हेंबर  २००८ या  रोजी  रात्री  यानाला  जोडलेला  मून इम्पॅक्ट  प्रोब  हा रात्री  ८ वाजून ६  मी   हा  प्रोब  प्रदक्षिणा मारणारा याना  पासून  वेगळा  केला  यामुळे  हा  भाग  वेगाने  चंद्राच्या  पुष्ट  भाग  वर  २५  मिनटानी  आढळा. 

चांद्रयान-१ चा इतिहास

चांद्रयान-१ हे  २२ ऑक्टोबर  इ . स. २००८  रोजी  पी.एस.एल.व्ही.-सी११  हे प्रक्षेपित  यानाला  घेऊन  श्रीहरीकोटा  येथील सतीश धवन  अंतराळ  केंद्रावरून  चंद्राकडे प्रक्षेपण  झाले. हे  प्रक्षेपण एकूण  चार  टपाचे  होते  यानाला  चंद्राच्या  कक्षेत  पोहोचण्या  साठी  १५  दिवसाचा  कालावधी  लागला  

 २२ ऑक्टोबर  ला   यानाला  पुथ्वी  च्या  कक्षेत  नेहून  सोडले  पण  यान  चंद्र  पर्येत जाण्यासाठी  अनेक कक्षा विस्ताराचे टप्पे  करण्यात  आले.

पहिला  टप्पा  हा २३  ऑक्टोबरला  भारतीय  वेळनुसार  नऊ  वाजता पूर्ण  करण्यात  आले या  टप्यासाठी  एकूण १८ मिनिटांसाठी  इंजन  फायर  करण्यात  आले  होते. दुसरा  टप्प  हा २५ ऑक्टोबर  ला  भारतीय  वेळयेनुसार  सकाळी ५ वाजून ४८ मी  पूर्ण  करण्यात आला  या टप्या  साठी इंजन १६ मिनिटांसाठी फायर  करण्यात  आले होते. असे अनेक  टप्पे  करण्यात  आले  शेवटचा  टप्पा  म्हणजे  पाचवा  टप्पा. 

पाचवा  टप्पा  हा ४ नोव्हेंबर  ला   भारतीयवेळेनुसार  सकाळी  ४ वाजून  ५६ मिनिटानी  पूर्ण  करण्यात  आला या  टप्या  साठी  ऐकून अडीच मिनिटांसाठी  इजान  हे चालू  करण्यात आल्ये होते  या टप्या  नंतर  यानाने  चंद्राच्या  कक्षेमध्ये  प्रहवसे  झाला  व परत कक्षा विस्ताराचे टप्पे  कमी  करण्याचे  कामास  सुरवात  झाली. अंतिम  कक्षा  कमी  हि नोव्हेंबर १२ रोजी  करण्यात  आली १४नोव्हेंबर  ला मून इम्पॅक्ट  प्रोब  ला  चंद्र च्या दिशेने  सोडण्यात  आले.     

वजन  

चांद्रयान-१ या  यानाचे  वजन  हे प्रक्षेपण  करण्याच्या  वेळी  १३८० किलोग्रॅम होते. व  चांद्रयान-१ ज्या  वेळी  चंद्रा  च्या  कक्षेत  जाते  त्या  वेळी  त्या  यानाचे वजन  हे ६७५ किलोग्रॅम  एवढे  होते.  पण  परत  ज्या  वेळी  चंद्रा  च्या  शेवट च्या  कक्षेत  याना  मधून  मून इम्पॅक्ट  प्रॉप  वेगळे होते  त्यावेळी  यानाचे  वजन  फक्त ५२३ किलोग्रॅम  एवढे  राहते. 
 
चांद्रयान-1 मिशनचा प्रवास
चांद्रयान-१`

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